विनती भाइयो और बहनों से

(Thanks to Sujith I can now publish in Hindi! This is my first Hindi post.)

मेरा पहला हिंदी ब्लॉग पोस्ट

बहुत सालों के बाद कुछ हिंदी लिख रहा हूँ| हिंदी इसलिए जरूरी है क्योंकि कुछ चीज़ें अंग्रेजी में कहना आसान नहीं| जैसे कि हम क्यों अपनें पैर पर कुल्हाड़ी मारनें पर तत्पर हैं? जब यह अब पूरी तरह साबित हो चूका है कि समाजवादियों ने इस देश को भ्रष्टाचार व दरिद्रता की सीमा पर पहुँचाया है, और  इन्ही लोगों ने भारत का सत्यानाश किया है, तो हम अब भी इन्ही लोगों के पीछे क्यों दौड़ते है? 

कब अक्कल आएगी हमें? कब हम अपने देश को संवार, आज़ादी ओर अमीरी की तरफ मुंह मोढ़ेंगे?

इस ब्लॉग पोस्ट के साथ मैं आप से विनती करता हूँ कि आप मेरी किताब "Breaking Free of Nehru" कृपया पढ़ें और फ्रीडम टीम ऑफ इंडिया में शामिल हों| जब सच्चाई अब पूरी ओर से व्यक्त हो चुकी है, तो देरी किस बात कि?

Anyway, enough for now. You get the point. Let's just say: बस हो गया! अब हमें आज़ादी दे दो! हमें अपनी पूरी क्षमता का लाभ उठाने दो!