Thoughts on economics and liberty

बिना अच्छी शिक्षा के भारतीय युवा अपनी क्षमता के अनुसार सक्षम नहीं हो पाएंगे

आजकल विज्ञान इतना आगे निकल चुका है कि केवल किसी पुरानी किताब को पढ़ने से कुछ नहीं होने वाला.

आजकल जरूरत है अच्छी शिक्षा की ताकि हमारे बच्चे वैज्ञानिक सीमा को पार कर के नए अविष्कार कर पाएं.

पर वैज्ञानिक सीमा तक पहुंचने की बात तो छोड़िए, भारत में पुरानी शिक्षा भी आज नहीं मिलती. स्कूलों और कॉलेजों में जिस प्रकार के बच्चे निकल रहे हैं, उन्हें लिखना तक नहीं आता – वे क्या बनाएंगे नए अविष्कार?

आजकल खुद की नौकरी करने का ही एक रास्ता है: विज्ञान और कंप्यूटर में माहिर होना. सरकारी नौकरी के पीछे भागने का वह जमाना चला गया.

हर आदमी को अपना ज्ञान बढ़ाना होगा जिससे कि वह अपने आप ही नए अविष्कार करे और ऐसी वस्तुएं बनाए जिससे लोगों की सुविधा बढे और उसको आमदनी मिल पाए.

हमारी शिक्षा प्रणाली केवल दो चार प्रतिशत बच्चों को छोड़कर सभी को पीछे छोड़ रही है.

जब तक भारत के युवाओं को अच्छी शिक्षा उपलब्ध नहीं होगी, वे नया उत्पादन नहीं कर पाएंगे.

उसके अलावा आम अर्थशास्त्र सभी को आना चाहिए. परंतु ना तो हमारे सरकारी शिक्षकों को विज्ञान आता है ना अर्थशास्त्र. फिर देश आगे कैसे बढ़ेगा?

भारत में लोग अभी भी सोचते हैं कि सरकार हमें नौकरी देगी तब हम आगे बढ़ेंगे. पर किसी भी समृद्द देश में सरकारी नौकरी के माध्यम से समृद्धि नहीं आई. लोगों ने खुद नए यंत्रों का अविष्कार कर के समृद्धि को पैदा किया.

किसी भी युवा को यदि सक्षम होना है तो उसे श्रेष्ठ शिक्षा मिलनी चाहिए.

परन्तु समाजवादी भारत में ऐसी शिक्षा हमारे बहुमत बच्चों को कभी उपलब्ध नहीं हो सकती.

इसी लिए स्वर्ण भारत पार्टी के मैनिफेस्टो के अनुकूल यदि हम नीतियां बनायें तो भारत के युवाओं को अच्छी शिक्षा मिलेगी और वे सक्षम होंगे.

ADDENDUM

Countries do not become great because of the masses of people they may have. They become great because of the few who reach the pinnacle of science and innovation. [My FB comment]

Sanjeev Sabhlok

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One thought on “बिना अच्छी शिक्षा के भारतीय युवा अपनी क्षमता के अनुसार सक्षम नहीं हो पाएंगे
  1. Mahesh kumar Maurya

    इस तरह की विचारधारा लोगों को समझ में जरूर आएगी और लोग समझेंगे क्योंकि उनके साथ अभी तक बहुत धोखा हो चुका है यदि अब नहीं समझेंगे तो कभी नहीं समझ पाएंगे इतनी सरल भाषा में समझाया है आपने! अंग्रेजी में लोग नहीं समझ पा रहे हैं क्योंकि उतना शिक्षित नहीं थे और जो शिक्षित थे वह करना नहीं चाहते थे अब तो हर कोई समझ सकता है और बदलाव ला सकता है जो कम पढ़ा लिखा है वह भी इस बात को अच्छी तरह से समझ सकता है